राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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ravikumarswarnkarabhishek kumarchandan kumar हालिया टिप्पणीकर्ता
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ravikumarswarnkar
अतिथि

अच्छी गंभीर शुरूआत है…
महत्वपूर्ण कार्य….अभी उम्मीद कायम है…

abhishek kumar
अतिथि

ब्लॉग पर अभी पढ़ी।बहुत अच्छा लगा पढ़कर पर गुरूजी थोड़े में ही निपटा दिए😒।खैर सही भी है,जहाँ लोग नॉवेल तक नहीं पढ़ पाते सही से वहां एक विमर्श पढ़ना संदेहास्पद है।तीन पारा में ही पूरा निचोड़ डालने की पूरी कोशिश की है।गुरूजी को साधुवाद।

chandan kumar
अतिथि

बहुत जल्द खत्म कर दिया , गुरूजी

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