राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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KaviraajKauntey DadheechManu Yadav हालिया टिप्पणीकर्ता
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Kaviraaj
अतिथि

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Kaviraaj
अतिथि

बहुत अच्छा ।

अगर आप हिंदी साहित्य की दुर्लभ पुस्तकें जैसे उपन्यास, कहानियां, नाटक मुफ्त डाउनलोड करना चाहते है तो कृपया किताबघर से डाउनलोड करें । इसका पता है:

http://Kitabghar.tk

Kauntey Dadheech
अतिथि

I believe it is a well balanced understanding about "Ashadh ka ak Din". love to read about more such kind of "Natak"… i will be grateful if u provide such kind of explanation on novels too…

Manu Yadav
अतिथि

आपाढ का एक दिन शिल्प के तोर पर जबरदस्ती रचना है जिसमे छोटी छोटी चीजो से , तथा वाक्य संबंध एक दुसरे पात्र के मुख से बुलवाकर , आसान भाषा मे, तथा भावो से भी अभव्य्कित कि झलक प्रदर्शित करना सुन्दर नाटक है । मोहन राकेश की अनपुम कृति है ।

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