राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

1
अपनी टिप्पणी अवश्य दें

1 टिप्पणी सूत्र
0 टिप्पणी सूत्र के उत्तर
0 फॉलोअर
 
सर्वाधिक प्रतिक्रिया वाली टिप्पणी
सर्वाधिक लोकप्रिय टिप्पणी सूत्र
1 टिप्पणीकर्ता
हालिया टिप्पणीकर्ता
  सब्सक्राइब करें  
सबसे नया सबसे पुराना सबसे ज्यादा वोट वाला
सूचित करें
अतिथि
Shobhit Gupta

Very true.. only book knowledge is of no use if without practical knowledge.. our present education system needs review

कॉपी नहीं शेयर करें !
%d bloggers like this: