राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

1
आपके विचार

पोस्ट पर अपने विचार अवश्य दें.

  सब्सक्राइब करें  
सबसे नया सबसे पुराना सबसे ज्यादा वोट वाला
सूचित करें
विकास नैनवाल
अतिथि

रोमांच से भरपूर कहानी। पढ़कर मज़ा आ गया। कहानी में विज्ञान के विष से ज्यादा महत्वाकांक्षा का विष है जो अंतरिक्ष में फैला। शायद यही बौद्धिक जीव होने का अभिशाप भी है।

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!
कॉपी नहीं शेयर करें !
%d bloggers like this: