राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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राजीव सिन्हाविक्की हालिया टिप्पणीकर्ता
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विक्की
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विक्की

बहुत अच्छा लगा ,खाली सा रविवार भी था आज, और ऐसे ही कहानिया भी पढ़ने का मन भी था | प्रेम के न मिलने पर व्यक्ति किस तरह से एकदम बेजार हो जाता | और प्रेम भी तो अजीब है एकतरफा तो और भी अजीब 😕😕😕

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