राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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Gurpreet Singh
अतिथि

विजयदान देथा जी की भाषा शैली बहुत अच्छी थी। लोक कथाओं को जो साहित्य रूप दिया वह पठनीय है।
उनकी उक्त कथा काफी चर्चित रही है।
धन्यवाद।

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