परमजीत सिंह उर्फ़ परमाणु सिंह रांची के एक प्राइवेट स्कूल में कार्यरत है ...फेसबुक पे छोटी छोटी कहानियां पोस्ट करते है अपनी व्यस्त जिंदगी से थोड़ा समय चुराकर I लिखना और पढना इनका पसंदीदा शगल I अपने लेखन का श्रेय ये SMP(प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री सुरेन्द्र मोहन पाठक) को देते है जिनके नोवेल्स को कमसिन उम्र से पढ़ के ही दीवाने हो गए I 49 वर्ष के है और पहली बार लेखन के क्षेत्र में हाथ आजमा रहे है I निकट भविष्य में दो नोवेल्स प्रकाशित करवाने का इरादा है जिसपे आजकल ये कलम चला रहे है I

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अतिथि
धर्मेंद्र त्यागी

बहुत ही शानदार सुंदर और मार्मिक कहानी
परम सर की बहुत ही शानदार कहानी

अतिथि
परमजीत

शुक्रिया धर्मेंद्र ।

अतिथि
RAGHAVENDRA TYAGI

बहुत ही शानदार कहानी..👌

अतिथि
परमजीत

बहुत बहुत शुक्रिया राघवेंद्र जी ।

अतिथि
Hitesh Rohilla

Bahut-e-badhiya

अतिथि
Paramjit

Thanks Hitesh Bhaai

अतिथि
विक्की

क्या भैया रुला दो आप
एक कहानी में हँसी के साथ दुःख था
इसमें दुःख ही दुःख 😕😟
दिल छुने वाली कहाँनी

एक सवाल
करता है आसमान क्यों
इस दिल के फैसले😕💕💕💕💕💕

अतिथि
Paramjit

क्या करूँ विक्की । बस यूं समझ लो कभी कभी वक़्त और हालात ही विलेन बन जाते है । इस कहानी में भी यही है।ये मेरी तरफ से मेरी गुड्डो को एक ट्रिब्यूट है जो लिखना बहुत ही जरूरी था।

अतिथि

बहुत शानदार मार्मिक कहानी, अंत तो बहुत ही जबरदस्त है..

अतिथि
Paramjit

बहुत बहुत आभार शोभित भाई इस कहानी को इतना पसंद करने के लिए ☺☺

अतिथि
Manish Kumar

अत्यन्त भावप्रणव और मार्मिक .. मुद्दतों बाद इतना खूबसूरत पढ़ने को मिला, नॉन स्टॉप पढ़के ही ख़त्म तो कर दी, लेकिन जेहन पर हावी हो गई है

अतिथि
Paramjit

बहुत बहुत आभार आपका मनीष जी इस कमेंट के लिए। मैं शुक्रगुजार हूं आपका जो कहानी आपको इतना पसंद आया। उम्मीद है आगे भी मेरी लिखी कहानियां आपको पसंद आयेगी।

अतिथि
Manish Kumar

जी परमजीत जी, इसीलिए मैंने आपको follow और See first कर दिया है

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