राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

2 Comments

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

  1. Manu Yadav
    नवम्बर 1, 2017 @ 9:40 पूर्वाह्न

    अतीत को भुलने कि कोशिस करती दीपा के वर्तमान से साक्षात्कार कि उतम कहानी है किसी प्रकार स्त्री के मन कि गुत्थियो को खोलने का सुन्दर प्रयास है कहानीकार का ।

    Reply

  2. विक्की
    फ़रवरी 11, 2019 @ 11:08 पूर्वाह्न

    मेरी पसन्दीदा कहानियो में एक ,इसका फ़िल्म भी पहले कोसिस किया नही देख पाया था फिर जब मोबाइल का समय आया तो मोबाइल में देखा आज भी ये फ़िल्म मेरे पास है किताब तो था आज भी है बहुत प्यारी दिल को छुने वाली कहानी

    विद्द्या सिन्हा जी और अमोल पालेकर अभिनीत ये फ़िल्म रजनीगंधा फ़िल्म भी बहुत प्यारा ❤❤❤❤❤❤

    Reply

कॉपी नहीं शेयर करें !
%d bloggers like this: