रेल की रात – इलाचन्द्र जोशी

प्रेमचंद जहाँ कथा साहित्य को सामाजिक समस्याओं से लड़ने के अस्त्र के रूप में विकसित करने का प्रयत्न कर रहे थे, वहीं उन्हीं के समकालीन जैनेन्द्र इसे समाज से व्यक्ति की ओर, बाहर से भीतर की ओर ले जा रहे थे. जैनेन्द्र, अज्ञेय और इलाचन्द्र जोशी जैसे कथाकारों ने व्यक्ति मन की गहराइयों की छानबीन […]

आगे पढ़ें