उपेंद्रनाथ अश्क़

उपेंद्रनाथ अश्क़

उपेन्द्रनाथ 'अश्क' का जन्म 1910 में जालन्धर, पंजाब में हुआ। साहित्यिक जीवन उर्दू लेखक के रूप में शुरू किया था, लेकिन प्रेमचन्द की सलाह पर हिन्दी में लिखना आरम्भ किया। १९३३ में उनका दूसरा कहानी संग्रह 'औरत की फितरत' प्रकाशित हुआ, जिसकी भूमिका प्रेमचन्द ने लिखी। अश्क़ ने फ़िल्मों की कहानियाँ, पटकथाएँ, सम्वाद और गीत लिखे, कुछ फ़िल्मों में काम भी किया, किन्तु चमक-दमक वाली ज़िन्दगी उन्हे रास नहीं आई। १९ जनवरी १९९६ को अश्क की मृत्यु हो गयी।

उपेंद्रनाथ अश्क ने साहित्य की प्राय: सभी विधाओं में लिखा है, लेकिन वे मुख्यत: कथाकार हैं। उन्होंने पंजाबी में भी लिखा है, हिंदी-उर्दू में प्रेमचंदोत्तर कथा-साहित्य में उनका विशिष्ट योगदान है।

प्रकाशित रचनाएँ

उपन्यास : गिरती दीवारें, शहर में घूमता आईना, गर्म राख, सितारों के खेल, आदि

कहानी संग्रह : सत्तर श्रेष्ठ कहानियां, जुदाई की शाम के गीत, काले साहब, पिंजरा

नाटक: लौटता हुआ दिन, बड़े खिलाड़ी , जय-पराजय, स्वर्ग की झलक, भँवर, अंजो दीदी

एकांकी संग्रह : अन्धी गली, मुखड़ा बदल गया, चरवाहे।

काव्य : एक दिन आकाश ने कहा, प्रातः प्रदीप, दीप जलेगा, बरगद की बेटी

संस्मरण: मण्टो मेरा दुश्मन, फिल्मी जीवन की झलकियाँ

आपके विचार

पोस्ट पर अपने विचार अवश्य दें.

  सब्सक्राइब करें  
सूचित करें
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!
कॉपी नहीं शेयर करें !
%d bloggers like this: