राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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राजीव सिन्हाboinwad krushna हालिया टिप्पणीकर्ता
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boinwad krushna
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boinwad krushna

आदरणीय महाशय , आपसे कहते हुए हर्ष हो रहा हैं की आपने क्या व्याख्या की ,जरुरु आपने नहीं पढ़ा हैं ‘मैला आँचल’ यदि पढ़ा भी होगा लेकिन मार्मिकता एवम तार्किकता तथा संवेदन्शीलता से नहीं | महाशय आप यदि हिंदी के मूल पाठक हैं तो आपसे ‘गंवार’ शब्द उपयोग नहीं लाना था यदि आप उस उपन्यास से समझ नहीं पाए तो कृपया जन ले , अन्यथा इस तरह का लेखन कर नवाग्तुंग पाठक वर्ग के मस्तिष्क भूसा ना भरे | धन्यावद

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