राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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Amit Wadhwaniविक्की हालिया टिप्पणीकर्ता
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विक्की
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विक्की

विचलित कर दिया दुखी भी

Amit Wadhwani
अतिथि
Amit Wadhwani

बहुत पहले पढ़ी आचार्य जी, इनकी कहानियों के संकलन की कई किताबें है पर कहानियां कुछ ही पढ़ी हुई है, पढ़ते ही मन अवसाद से भर गया, फिर कभी हिम्मत नहीं हुई किताब उठाने की आज कई दिनों बाद यह कहानी पढ़ी, इसी पर हालिया एक फिल्म भी आयी है, मंटो नहीं, इस कहानी पे।

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