राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

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विक्कीSanjay Bansalchandan kumarabhishek kumar हालिया टिप्पणीकर्ता
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chandan kumar
अतिथि

हा हा हा बढिया कहानी है। कुछ इसी तरह की अौर कहानी पोस्ट करें गुरु जी

abhishek kumar
अतिथि

इम्तियाज अली की यह कहानी बहुत सारे पाठकों की पसंद है।चचा ने अपने जिह्वालोलुप को किस तरह तर्कों से अलंकृत कर मज़बूरी की संज्ञा प्रदान की है वह काफी हास्यास्पद है।इंटरनेट के दौर में भी यह एक दुर्लभ कहानी है।हास्य से भरपूर पठनीय कथा।उपलब्ध करवाने के लिए शुक्रिया

Sanjay Bansal
अतिथि
Sanjay Bansal

४० साल से ये कहानी जेहन में ताज़ा है।
बस एक तकलीफ है.. चचा अगर २ केले बिंदु को दे देते?

विक्की
अतिथि
विक्की

❤❤😂😂😂

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