वह इलाका पालम थाने के अंतर्गत आता था। वहाँ से दो हवलदार और थाना इंचार्ज त्यागी आए थे। बाहर अभी भी बारिश हो रही थी। सभी ने अपनी-अपनी गीली जैकेटें उतारी और उसी कुर्सी पर रख दीं। अनिल शर्मा ने उनका अभिवादन किया और ड्राइंग रूम में बैठने का इशारा किया। वहाँ उन दोनों के […]
धर्मपाल ने चकित होकर पूछा, “किसने?” अनिल शर्मा ने मुसकुराते हुए मालविका परिंदा को देखा, और कहा, “मालविका जी, मूर्ति आप स्वयं पेश करेंगी, या फिर हमें पूरे घर की तलाशी लेनी पड़ेगी? हमें पता है कि मूर्ति अभी घर पर ही है।“ मालविका पहले चौकी, फिर उसका चेहरा गुस्से में लाल हो गया। “आप […]
“किसने की है चोरी?” सभी ने लगभग चौंकते हुए पूछा। “बताता हूँ एक बार थाने वालों को भी आ जाने दो।” अनिल शर्मा ने ने सभी की और देखते हुए कहा। कुछ ही मिनटों में थाने वाले भी आ गये। “अरे अनिल तुम यहाँ कैसे?” थाने से आये पुलिस ऑफिसर जो की अनिल शर्मा का […]
अनिल शर्मा की बात सुनकर कमरे में सन्नाटा छा गया। सभी अवाक रह गये। किसी के मुंह से कोई बात नहीं निकल रही थी। धर्मपाल ने चौंक कर अनिल शर्मा को देखा और बोला, ‘क्या साहब, क्या कह रहे हैं, आपको चोर का पता भी चल गया?‘ ‘हां बिल्कुल, यूं ही हमारा नाम अनिल शर्मा […]
सभी आश्चर्यचकित निगाहों से फ्रेड को घूर रहे थे, और उसके बोलने की प्रतीक्षा कर रहे थे। फ्रेड अपनी एकाएक बन चुकी पूछ पर आनंदित होता हुआ, पांचों की तरफ देखते हुए बोला.. ‘इन्द्रेश कसाना का कातिल हम सबके बीच में ही है। कातिल ने कहानी तो बहुत सुंदर तैयार की थी लेकिन उससे थोड़ी चूक हो […]
“कौन है कातिल? “मैंने फ्रेड से पूछा । “सर कत्ल की सबसे पहले खबर किसको होती है?“ “जाहिर सी बात है, कातिल को” कमरे का माहौल और भी अधिक पैना हो उठा । “फ्रेड अब ज्यादा इन्तजार न करवाते हुए, कातिल से पर्दा उठा ही दो ।” “यस सर “ “सर इन्द्रेश कसाना का कत्ल तो कल रात […]
“आर यू श्योर, फ्रेड?” “यस सर, क्वाइट श्योर।” “लेकिन कैसे?” “बहुत सिंपल है सर, वो कहते हैं न कि झूठ के पाँव नहीं होते, तो झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाता है।” मैंने फ्रेड को चुप रहने का इशारा किया, और उन पाँचों को अंदर के कमरे में बैठने को कहा।जब वो पाँचों अंदर चले गए तो अब कमरे में […]
मैंने फ्रेड से कहा, “तुम्हें पहले से ही पता था कि कातिल कौन है?” “नहीं सर, पर इनके बयान दोबारा सुनने के बाद मुझे यकीन है कि मैं कातिल को अभी सामने ला सकता हूँ। बस मुझे इन लोगो से कुछ सवाल फिर से पूछने पड़ेंगे।“, कहते कहते फ्रेड ने एक कागज पर कुछ लिख कर एक […]
मैं समझा नहीं…! इंस्पेक्टर मुस्कुराया, “आपका घर बहुत बड़ा है। इसकी तलाशी लेने में बहुत वक्त लगेगा। और वैसे भी तलाशी से पेंटिंग तो बरामद हो सकती है, लेकिन इससे चोरी किसने की, इसका पता कैसे लगाएंगे। हमारे लिए पेंटिंग बरामद करने से ज्यादा अहम है चोर…” यह कहते हुए इंस्पेक्टर अभय ने सभी की […]