राजीव सिन्हा

राजीव सिन्हा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम. ए. और एम. फिल. करने के पश्चात् दिल्ली में अध्यापन . साहित्य के अतिरिक्त भारतीय इतिहास और संस्कृति में विशेष रूचि

2
अपनी टिप्पणी अवश्य दें

avatar
2 टिप्पणी सूत्र
0 टिप्पणी सूत्र के उत्तर
0 फॉलोअर
 
सर्वाधिक प्रतिक्रिया वाली टिप्पणी
सर्वाधिक लोकप्रिय टिप्पणी सूत्र
1 टिप्पणीकर्ता
विकास नैनवालRajiv Sinha हालिया टिप्पणीकर्ता
  सब्सक्राइब करें  
सबसे नया सबसे पुराना सबसे ज्यादा वोट वाला
सूचित करें
विकास नैनवाल
अतिथि

संक्षिप्त में सुन्दर जानकारी। कई शब्द इसमें ऐसे हैं जो शायद आम पाठकों के समझ में न आयें। उदाहरण के लिए : यादृच्छिक। इस प्रकार के लेख में अगर फुट नोट में ऐसे जटिल शब्दों का अर्थ भी हो तो लेख और पठनीय बन सकता है।

Rajiv Sinha
अतिथि

धन्यवाद. फुटनोट जोड़ दिया है….

कॉपी नहीं शेयर करें !
%d bloggers like this: