जिन परिस्थितियों में हिंदी उपन्यास लेखन का प्रारंभ हुआ, वे परिस्थतियाँ यूरोप से भिन्न थी। यूरोप में आधुनिकता का आगमन औद्योगिक क्रांति के साथ हुआ था, जो वहां की सभ्यता और समाज की ऐतिहासिक परिणति थी। औद्योगिक क्रांति के बाद वहां “पुजारी, योद्धा और श्रमिकों के सामन्ती ढांचे में से ही एक मध्यम वर्ग का […]
कैसी फीलिंग आती है, जब आपने कोई ऐसा फैसला किया हो जो आपके समूचे जीवन को बदल दे, आपकी बुनियाद हिला दे। न....न...न... आप ये न सोंचे कोई बड़ा फैसला, कोई नौकरी बदलना, शादी का फैसला करना, मेरा मतलब है ऐसा निर्णय जो आपकी जड़ हिला दे। बिलकुल ऐसा ही फैसला मैंने किया है। एक ऐसा […]
सर्दी की रात जल्दी होती है। और सन्नाटा भी। अगर कोहरा पड़ने लग जाए तो समझो सोने पे सुहागा। जो की आज पड़ रहा था। मेरे लिए ये सबसे मुफीद दिन था। बाइक स्टार्ट हुई, उसने मेरी तरफ देखा और फिर से पुछा "देख ले कर लेगा न?" मना करने का तो सवाल ही नही […]
उपरोक्त टैगलाइन एक प्रसिद्ध टेलीकम्यूनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर कंपनी द्वारा बहुत वर्षों तक इस ब्रांड को प्रमोट करने के लिए इस्तेमाल किया गया था । यह लाइन सच में ही अपने आप में एक प्रोत्साहन से भरी हुई है। एक आईडिया – ग्राहम बेल का – टेलीफोन के रूप में आया – जिसने दुनिया बदल कर […]
१४ जुलाई : उस दिन दोपहर से ही बारिश हो रही थी. उन दिनों मेरा मूड वैसे ही खराब रहता था. कोई नया काम नहीं मिल रहा था. रुपये पैसो के मामले में मैं परेशान था. मेरा जीवन भी क्या बेकार सा जीवन था. मैं लेखक था, और पूरी तरह से फ्लॉप था. करियर के […]
वर्ष 1978 ब्रिटिश साम्राज्य से आज़ादी मिलने के बाद बने क्रोनेशिया और सर्बा पडोसी मुल्कों के बीच रिश्ते हमेशा तल्ख़ रहे। दशकों तक शीत युद्ध की स्थिति में दोनों देशो का एक बार भीषण युद्ध हो चुका था। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद युद्ध समाप्त हुआ। युद्ध में कुछ टापू और समुद्री सीमा कब्ज़ाने वाले सर्बा को […]
बीस साल बाद मेरे चेहरे में वे आंखें वापस लौट आई हैं जिनसे मैंने पहली बार जंगल देखा है : हरे रंग का एक ठोस सैलाब जिसमें सभी पेड डूब गए हैं। और जहां हर चेतावनी खतरे को टालने के बाद एक हरी आंख बनकर रह गई है। बीस साल बाद मैं अपने आप से […]
विकास खुराना ने कार की विंडस्क्रीन पर लुढ़कते मोतियों की शक्ल में एकाएक उभर आई बूंदों की तरफ देखा I देखते ही उसका मन खिन्न हो उठा I बाहर अँधेरा और घना होने लगा था और बादलों और बिजली की जुगलबन्दियों ने अपना असर भी दिखाना शुरू कर दिया था I उसने घडी के डायल […]
गोवा! मेरी वर्षों से यही तमन्ना रही थी कि मुझे भी कभी गोवा घूमने का मौका मिले। फिल्मों और तस्वीरों में देखकर एवं दोस्तों से सुनकर मन हमेशा लालायित रहता था। जब मैं दिल्ली में रहते हुए आईपीएस की तैयारी कर रहा था,तब मेरे दोस्त हर साल गोवा घूमने जाते थे। वे मुझे भी साथ […]