खिड़की
दिसंबर की किसी सर्द रात में दो बजे दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में आईसीयू के बाहर बैठे डॉक्टर साहब मरीजों के बही खाते भर रहे थे। अभी अभी वार्ड से निरीक्षण करके लौटे थे। नर्स जनरल वार्ड की तरफ गई हुई थी। “डॉक्टर साहब। बचा लीजिये हमको।”, अचानक आईसीयू से आवाज आई। डॉक्टर साहब […]