उपन्यास

हिंदी का पहला मौलिक उपन्यास  गौरी दत्त का देवरानी जेठानी की कहानी (1870)  है या श्रद्धाराम फिल्लौरी का भाग्यवती (1879) या श्रीनिवास दास का परीक्षा गुरु (1882), यह एक उलझा हुआ सवाल है। परीक्षा गुरु के कच्चेपन के बावजूद उसमें औपन्यासिक संरचना एवं कथा विन्यास का एक विश्वसनीय ढांचा है। इसलिए उसे हिन्दी उपन्यास लेखन का पहला रचनात्मक प्रयास माना जा सकता है।

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