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झंडा ऊंचा रहे हमारा- श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’

झंडा ऊंचा रहे हमारा.

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा .

 

सदा शक्ति बरसाने वाला,

प्रेम सुधा सरसाने वाला,

वीरों को हरषाने वाला,

मातृभूमि का तन-मन सारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा.

 

स्वतंत्रता के भीषण रण में,

लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में,

कांपे शत्रु देखकर मन में,

मिट जावे भय संकट सारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा.

 

इस झंडे के नीचे निर्भय,

हो स्वराज्य जनता का निश्चय,

बोलो भारत माता की जय,

स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा.

 

आओ प्यारे वीरों आओ,

देश-जाति पर बलि-बलि जाओ,

एक साथ सब मिलकर गाओ,

प्यारा भारत देश हमारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा.

 

इसकी शान न जाने पावे,

चाहे जान भले ही जावे,

विश्व-विजय करके दिखलावे,

तब होवे प्रण-पूर्ण हमारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा.

 

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