परमजीत सिंह उर्फ़ परमाणु सिंह रांची के एक प्राइवेट स्कूल में कार्यरत है ...फेसबुक पे छोटी छोटी कहानियां पोस्ट करते है अपनी व्यस्त जिंदगी से थोड़ा समय चुराकर I लिखना और पढना इनका पसंदीदा शगल I अपने लेखन का श्रेय ये SMP(प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री सुरेन्द्र मोहन पाठक) को देते है जिनके नोवेल्स को कमसिन उम्र से पढ़ के ही दीवाने हो गए I 49 वर्ष के है और पहली बार लेखन के क्षेत्र में हाथ आजमा रहे है I निकट भविष्य में दो नोवेल्स प्रकाशित करवाने का इरादा है जिसपे आजकल ये कलम चला रहे है I

13 Comments

  1. धर्मेंद्र त्यागी
    September 13, 2018 @ 6:57 pm

    बहुत ही शानदार सुंदर और मार्मिक कहानी
    परम सर की बहुत ही शानदार कहानी

    Reply

    • परमजीत
      September 13, 2018 @ 7:54 pm

      शुक्रिया धर्मेंद्र ।

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  2. RAGHAVENDRA TYAGI
    September 13, 2018 @ 7:00 pm

    बहुत ही शानदार कहानी..👌

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    • परमजीत
      September 13, 2018 @ 7:56 pm

      बहुत बहुत शुक्रिया राघवेंद्र जी ।

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  3. Hitesh Rohilla
    September 14, 2018 @ 6:57 am

    Bahut-e-badhiya

    Reply

    • Paramjit
      September 16, 2018 @ 1:16 pm

      Thanks Hitesh Bhaai

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  4. विक्की
    September 15, 2018 @ 10:54 am

    क्या भैया रुला दो आप
    एक कहानी में हँसी के साथ दुःख था
    इसमें दुःख ही दुःख 😕😟
    दिल छुने वाली कहाँनी

    एक सवाल
    करता है आसमान क्यों
    इस दिल के फैसले😕💕💕💕💕💕

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    • Paramjit
      September 16, 2018 @ 1:14 pm

      क्या करूँ विक्की । बस यूं समझ लो कभी कभी वक़्त और हालात ही विलेन बन जाते है । इस कहानी में भी यही है।ये मेरी तरफ से मेरी गुड्डो को एक ट्रिब्यूट है जो लिखना बहुत ही जरूरी था।

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  5. Shobhit Gupta
    September 17, 2018 @ 8:54 am

    बहुत शानदार मार्मिक कहानी, अंत तो बहुत ही जबरदस्त है..

    Reply

  6. Paramjit
    September 25, 2018 @ 10:51 am

    बहुत बहुत आभार शोभित भाई इस कहानी को इतना पसंद करने के लिए ☺☺

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  7. Manish Kumar
    October 5, 2018 @ 7:05 pm

    अत्यन्त भावप्रणव और मार्मिक .. मुद्दतों बाद इतना खूबसूरत पढ़ने को मिला, नॉन स्टॉप पढ़के ही ख़त्म तो कर दी, लेकिन जेहन पर हावी हो गई है

    Reply

    • Paramjit
      October 9, 2018 @ 7:32 am

      बहुत बहुत आभार आपका मनीष जी इस कमेंट के लिए। मैं शुक्रगुजार हूं आपका जो कहानी आपको इतना पसंद आया। उम्मीद है आगे भी मेरी लिखी कहानियां आपको पसंद आयेगी।

      Reply

      • Manish Kumar
        October 9, 2018 @ 10:52 am

        जी परमजीत जी, इसीलिए मैंने आपको follow और See first कर दिया है

        Reply

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