2 Comments

  1. विक्की
    November 9, 2018 @ 5:30 pm

    हम्म्म्म्म 😮

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  2. विकास नैनवाल
    November 27, 2018 @ 6:24 am

    रोचक कहानी है। मशीन पर आदमी की निर्भरता जिस तरह से बढ़ती जा रही है उसके ऊपर बहुत खूबसूरती से मनन करने के लिए लेखक की कहनी प्रेरित करती है। कहानी थोड़ा और रोमांचक होती तो ज्यादा मज़ा आता।

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