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द वॉचमैन-मर्डर इन रूम नंबर 108 1

द वॉचमैन-मर्डर इन रूम नंबर 108
सुधीर सिंघल निहायत घटिया, बदनीयत! सूरत से कामदेव सरीखा ऐसा नौजवान था, जो पैसों की खातिर किसी भी हद तक जा सकता था। अधेड़ उम्र की औरतों को अपने प्रेमजाल में फाँस सकता था, नौजवान लड़कियों की कमाई पर ऐश कर सकता था। वह कइयों की जिंदगी में उथल-पुथल मचाये था, तो कइयों को बर्बादी के कगार पर भी पहुँचा चुका था। ऐसे फसादी शख्स के साथ जो न हो जाता, वही कम था।
द वाचमैन सीरीज की नयी पेशकश

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द वॉचमैन-मर्डर इन रूम नंबर 108

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हिंदी साहित्य चर्चा का मंच कथा -कहानी ,कवितायें, उपन्यास. किस्से कहानियाँ और कविताएँ, जो हमने बचपन में पढ़ी थी, उन्हें फिर से याद करना और याद दिलाना
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